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डॉ मनीष बेरीवाल ने सीपीआर पर और पीएस खोडियार ने कला एवं जीवन कौशल के अन्तर्सम्बन्धों को लेकर बच्चों से अपनी बातें साझा करीं। चक्रधर नगर स्कूल के समर केम्प में उनके व्याख्यान हुए

चक्रधर नगर स्कूल के समर कैंप में बच्चों को डॉक्टर मनीष बेरीवाल एवं रिटायर्ड प्राचार्य पी.एस. खोडियार ने संबोधित किया   




रायगढ़। स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चक्रधर नगर रायगढ़ में समर कैंप के तहत 24 मई को रिटायर्ड प्राचार्य पी.एस. खोडियार एवं डॉ मनीष बेरीवाल का अतिथि वक्ता के रूप में आगमन हुआ।कार्यक्रम के आरंभ में संस्था के प्रभारी प्राचार्य अनिल कुमार  शराफ ने छात्र-छात्राओं से आगन्तुक अतिथियों का परिचय कराया एवम उन्हें संबोधन हेतु आमंत्रित किया।पहले क्रम पर  खोडियार सर ने  ललित कला एवं जीवन कौशल को लेकर बच्चों को संबोधित किया। अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के साथ साथ जीवन को किस तरह आसान और सुंदर बनाया जाए , इस राह में ललित कलाओं का क्या योगदान है,  जीवन जीना भी किस तरह एक कला है , समाज में कैसे अपने लिए हम एक सम्मानित स्थान बना सकते हैं, इन प्रश्नों को लेकर उन्होंने बहुत विस्तार पूर्वक अपने अनुभवों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें विद्यार्थियों के बीच साझा किया।

दूसरे क्रम पर समर कैंप के अतिथि डॉ मनीष बेरीवाल ने बच्चों को संबोधित किया।उन्होंने सीपीआर के संबंध में विस्तार पूर्वक बातें रखीं। उन्होंने बताया कि सीपीआर का मतलब कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन होता है। यह एक तरह की प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड है। जब किसी पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत होती है या फिर वो सांस न ले पा रहा होता है और  बेहोश हो जाने की स्थिति में होता है तो सीपीआर से उसकी जान बचाई जा सकती है।  बिजली का झटका लगने पर, पानी में डूबने पर और दम घुटने पर सीपीआर  से पीड़ित को आराम पहुंचाया जा सकता है। हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा पड़ने पर तो सबसे पहले और समय पर सीपीआर दे दिया जाए तो पीड़ित की जान बचाने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अगर किसी पीड़ित को दिल का दौरा पड़ जाए तो सबसे महत्वपूर्ण है कि प्राथमिक चिकित्सा देने वाला व्यक्ति खुद ना घबराए और पूरा धैर्य बनाए रखे। किसी भी तरह का फर्स्ट एड देने से पहले  एंबुलेंस  को कॉल कर लेना चाहिए  या फिर हॉस्पिटल को सूचित करना चाहिए ताकि बहुत ही कम समय में हार्ट अटैक के मरीज को इलाज मिल सके। उन्होंने इस संबंध में और भी बहुत सी महत्वपूर्ण बातें  बच्चों के साथ साझा किया जिसे बच्चों ने बहुत ध्यानपूर्वक सुना। 

आज का यह आयोजन बच्चों के लिए बहुत लाभकारी रहा। समर कैंप का  आयोजन प्राचार्य राजेश डेनियल के निर्देशन में समस्त स्टॉफ के सहयोग से  विद्यालय में निरन्तर संचालित हो रहा है। इस कैंप से बच्चे भी बहुत लाभान्वित हो रहे हैं।

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