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तीरथगढ़ बस्तर की यात्रा Tirathgarh Bastar ki yatra

जब हमारे मित्रों की टोली बस्तर भ्रमण पर थी तो इस बस्तर भ्रमण के दौरान एक दिन हम सब तीरथगढ़ जलप्रपात भी जा पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद पर्यटन का जो आनंद होता है जीवन में, उस आनंद की अनुभूति को वहां से वापस लौट आने के बाद भी मैं बारंबार  महसूस करता रहता हूं। तीरथगढ़ जलप्रपात को लेकर जो बातें हमें जानने समझने को मिलती हैं उसके मुताबिक छत्तीसगढ़ के बस्‍तर जिले में कांगेर नदी पर स्थित इस तीरथगढ़ वाटरफॉल की ऊंचाई 299 फीट है। 

       जब तीरथगढ़ जलप्रपात पर पहुंची मस्तानों की टोली

यह जलप्रपात कांगेर घाटी नेशनल पार्क का हिस्सा है । यह जलप्रपात खूबसूरत जंगलों और प्रचुर वनस्‍पति और वन्‍यजीवों से चारों तरफ घिरा हुआ है। ये जगह बहुत खूबसूरत होने की वजह से पर्यटक यहां फोटोग्राफी का भी भरपूर आनंद हमारी तरह ले सकते हैं। यहां की हवा शुद्ध है और चारों तरफ के वातावरण में एक अलग किस्म का नशा छाया रहता है जो मन को ताजगी और खुशी से भर देता है।


तीरथगढ़ जलप्रपात का खूबसूरत नजारा 

प्राकृतिक छटाओं से घिरे होने के कारण पर्यटक यहां खूब आनंद लेते हैं।ऊंचे पहाड़ों से पानी के  झर झर कर गिरने की वजह से यहां का पानी दूधिया दिखाई पड़ता है। यहां आकर आपको दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह पर होने का एहसास भी होगा। यह ऐसी सुंदर जगह है कि प्रकृति के ऐसे खूबसूरत नज़ारे को कोई प्रकृति प्रेमी मिस करना कभी नहीं चाहेगा। हम लोगों ने भी इस जलप्रपात का खूब आनंद लिया। हम सब ने मिलकर खूब फोटोग्राफी भी करी।


तीरथगढ़ कब जाएं-

अगर आप इस जगह के सबसे ज्‍यादा सुंदर नज़ारे को अपनी आंखों में कैद करना चाहते हैं तो आपको नवम्बर से लेकर मार्च के बीच में यहां आना चाहिए। इस समय तीरथगढ जलप्रपात का नज़ारा देखने लायक होता है। इस अवधि में यहां पर्यटकों का तांता लगा रहता है । दिन का तापमान बेहतर रहता है पर शाम होते ही थोड़ी ठंड की शुरुआत होने लगती है , इसलिए आपको इस दौरान यहां दिन के समय आकर भरपूर आनंद उठाना चाहिए। गर्मी पड़ने के बाद यहां अप्रैल से लेकर जून तक आपको नहीं आना चाहिए। उसके बाद फिर बारिश का मौसम भी शुरू हो जाता है इसलिए जून से लेकर अक्टूबर तक का महीना भी यहां आने के लिए सही नहीं रहता। हम लोग यहां फरवरी के महीने में गए थे और तब का मौसम बहुत आदर्श और ख़ुशनुमा मौसम था।


तीरथ गढ़ के आसपास के दर्शनीय स्थल-

तीरथगढ़ जलप्रपात आने की आपकी यात्रा और भी रोचक हो सकती है अगर आप इसके आसपास के स्‍थल को जाकर भी देख लें। यहां पर और भी कई खूबसूरत और शानदार जगहें हैं जो पर्यटकों के मन को भाती हैं। जैसा कि मैंने ऊपर लिखा है कि कांगेर घाटी नेशनल पार्क का एक हिस्‍सा ही है तीरथगढ़ जलप्रपात। यहां पर झरनों से लेकर आप जंगल और गुफाएं भी देख सकते हैं। यहां निकट में कुटुम्बसर गुफा, भैंसा दरहा, दांडक गुफा, कैलाश गुफा,कांगेर घाटी के साथ साथ और भी कई शांतिपूर्ण स्‍थल हैं । नदियों पर बने बांध और मिनी पुल भी यहां आप देख सकते हैं। तीरथगढ़ जलप्रपात  क्षेत्र में कलरव करते पक्षियों को भी आप देख सकते हैं। इस जगह पर आकर हरे भरे स्वस्थ वातावरण में फोटोग्राफी और मेडिटेशन करना बहुत अच्छा लगता है। हरियाली और खूबसूरती से भरी इस जगह पर मेडिटेशन करके आप एक नई ताजगी पा सकते हैं।


तीरथगढ़ कैसे पहुंचे -

तीरथगढ़ तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको छत्तीसगढ़ के जगदलपुर तक आना पड़ेगा ।जगदलपुर आप दो तरीके से पहुंच सकते हैं-

१. जगदलपुर में हवाई अड्डा है ।आप व्हाया रायपुर हवाई अड्डे से जगदलपुर तक आसानी से पहुंच सकते हैं। फिर जगदलपुर से कोई कैब लेकर आप तीरथगढ़ तक आसानी से पहुंच जाएंगे।

२. दूसरा रेल तथा सड़क मार्ग से यहां आप पहुंच सकते हैं। सबसे पहले आपको रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा ।रायपुर रेलवे स्टेशन मुंबई हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर एक प्रसिद्ध जंक्शन है। रायपुर पहुंचकर फिर सड़क मार्ग से आप सीधे कोई कैब लेकर तीरथगढ़ जलप्रपात तक आसानी से पहुंच सकते हैं। रायपुर से तीरथगढ़ जलप्रपात की दूरी लगभग ढाई सौ किलोमीटर के आसपास है और आपको सड़क मार्ग से लगभग 4 घंटे का समय लग सकता है।

रायपुर से निकलने के बाद कांकेर से पहले माकड़ी ढाबा है, आप वहां दोपहर का लंच आसानी से ले सकते हैं।

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